अधिवक्ताओं ने दो घंटे रखा कार्य बहिष्कार
फतेहाबाद (हरियाणा)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में रतिया बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने करीब दो घंटे तक कार्य स्थगित रखकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद कंबोज की अध्यक्षता में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ताओं ने बताया कि “एक हस्ताक्षर, एक याचिका—न्याय की ओर एक कदम” अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस संबंध में एक याचिका तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी तथा रतिया के एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना का भी किया विरोध
बार एसोसिएशन ने एल.जी. के अधीन लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना के विरोध में भी कार्य बहिष्कार किया। अध्यक्ष वेद कंबोज ने कहा कि इस योजना को लेकर अधिवक्ता समुदाय में कई गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर अधिवक्ता इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं का विरोध गरीब और जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता दिए जाने के खिलाफ नहीं है, बल्कि योजना के कुछ प्रावधानों को लेकर उनकी आपत्तियां हैं। उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय और कानूनी सहायता मिलनी चाहिए।
प्रदर्शन में पूर्व प्रधान सुरेंद्र जैन, अमीर तनेजा, महेश तनेजा, महेंद्र नायक, रामचंद्र सहनाल, उपेंद्र सैनी, रमेश कंबोज, प्रीत सिंह, सतपाल सिंह, बलवंत सिंह दंदीवाल, पंकज गर्ग, हरजिंद्र सिंह, विक्रम कंबोज, राधे श्याम, गगन गिल, राहुल मेहता, गुरदीप ढोड, केवल कंबोज, राजिंद्र खाई सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।





















