संगठन विस्तार व सदस्यता अभियान पर जोर
झांसी। हिंदी साहित्य भारती (अंतरराष्ट्रीय) के अधिवक्ता प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण योजना बैठक रविवार शाम होटल द मारवलस, बालाजी रोड, झांसी में केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, अधिवक्ता प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने, आजीवन सदस्यता अभियान को गति देने तथा सनातन संस्कृति, हिंदी भाषा और राष्ट्रीय चेतना के प्रचार-प्रसार में अधिवक्ताओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का शुभारंभ सोनू बाथम द्वारा ध्येय गीत प्रस्तुत करने से हुआ। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रवीन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिंदी साहित्य भारती का ध्येय “मानव बन जाए जग सारा, यह पावन संकल्प हमारा” है। उन्होंने अधिवक्ताओं से समाज में सांस्कृतिक मूल्यों, राष्ट्रभावना और हिंदी भाषा के संवर्धन के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
बैठक में वार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद शिवहरे, वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण दीक्षित तथा मदन लाल बबेले ने संगठन की भावी कार्ययोजना और अधिवक्ता प्रकोष्ठ के विस्तार को लेकर अपने विचार रखे।
अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रभारी सूरज बली सिंह ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए अधिक से अधिक अधिवक्ताओं को संगठन से जोड़ने का आग्रह किया। बैठक का संचालन अधिवक्ता अभिशेष मिश्र ने किया। उन्होंने संगठन की आगामी गतिविधियों और जनजागरण अभियानों की जानकारी देते हुए सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
बैठक में केंद्रीय संयुक्त महामंत्री निशांत शुक्ला, सहसंयोजक जनसंचार प्रकोष्ठ नीरज सिंह, पूर्णकालिक संगठन मंत्री अनुराग तिवारी, एडवोकेट अमरसिद्ध, सूरज प्रकाश पाठक, आर.सी. दीक्षित, कुमार वैभव तिवारी, अनुपम, देवांग वशिष्ठ, प्रीति चतुर्वेदी, मृदुल सहित अनेक अधिवक्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने समाज में हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।







