अयोध्या। राम मंदिर चंदे से जुड़े कथित घोटाले के विरोध में साधु-संतों के साथ ज्ञापन देने अयोध्या पहुंचे कंप्यूटर बाबा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चंदा चोरी के विरोध में एक हजार से अधिक संत अयोध्या पहुंचने वाले थे, लेकिन रास्ते में ही बड़ी संख्या में संतों को रोक दिया गया। कंप्यूटर बाबा के मुताबिक, कुछ प्रमुख संत ही मौके तक पहुंच सके।
कंप्यूटर बाबा ने कहा कि जब तक इस मामले में बड़ी मछलियां सामने नहीं आतीं, तब तक संत समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने मंदिर से जुड़े चंदे में कई हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, ये आरोप फिलहाल कंप्यूटर बाबा की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने एक बार फिर मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से स्पष्ट एवं निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि अभी तक पूरे मामले में स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर संत शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने पहुंच रहे थे तो उन्हें रास्ते में रोकने की जरूरत क्यों पड़ी।
कंप्यूटर बाबा ने कहा कि संत समाज भगवान श्रीराम के सामने जाकर भी इस पूरे घटनाक्रम के लिए माफी मांगेगा। उनके साथ महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरी और अन्य संत भी मौजूद रहे। उन्होंने साफ किया कि कथित चंदा घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई होने तक संतों का विरोध जारी रहेगा।





















