लखनऊ। डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक ने सोमवार को बिजनौर थाने का अचानक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दोपहर करीब 3:15 बजे थाने पहुंचे डीसीपी ने थाना परिसर, अभिलेख, मालखाना, साफ-सफाई और कानून-व्यवस्था की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपराध नियंत्रण के साथ थाने की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीसीपी ने परिसर में खड़े वाहनों का विधिवत चिन्हीकरण कर प्रत्येक वाहन की अलग फाइल तैयार करने को कहा। उन्होंने अव्यवस्थित वाहनों और निष्प्रयोज्य सामग्री के निस्तारण के साथ परिसर की नियमित सफाई, सौंदर्यीकरण और वृक्षारोपण पर भी जोर दिया। पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए व्यायाम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जर्जर भवनों को चिन्हित करने और जल निकासी की समस्या का समाधान कराने को कहा।
डीसीपी ने लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने, साक्ष्य व गवाहों के बयान समय से दर्ज कराने और सक्रिय अपराधियों का सत्यापन कर निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मिशन शक्ति और एंटी रोमियो अभियान को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने फरियादियों से शालीनता से पेश आने और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान करने की हिदायत दी।
इस दौरान डीसीपी दक्षिणी ने बिजनौर थाने में नवनिर्मित मिशन शक्ति केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी महिला उप निरीक्षक आराधना वर्मा के कार्य की सराहना करते हुए डीसीपी ने उन्हें 5,000 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।




















