लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। योगी कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज से हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस विस्तार पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। सरकार के इस फैसले से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी फायदा मिलने की संभावना है। एक्सप्रेसवे के विस्तार से प्रयागराज से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए सफर आसान और तेज हो सकता है। सरकार इसे प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की दिशा में अहम कदम मान रही है।
कैबिनेट ने इसके साथ ही सुल्तानपुर में 272 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह औद्योगिक क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित किया जाएगा। इसके बनने से क्षेत्र में उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इन दोनों फैसलों को उत्तर प्रदेश में सड़क और औद्योगिक ढांचे को गति देने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ एक्सप्रेसवे के विस्तार से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं सुल्तानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक क्लस्टर से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।





















