बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की सड़कों की स्थिति, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बारिश और जलभराव के कारण सड़कों पर बने गड्ढों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल इन्हें भरवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गड्ढों को इस तरह भरा जाए कि सड़क जल्द से जल्द आवागमन के योग्य हो सके। बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद सड़कों की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत भी सुनिश्चित की जाए, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सके।
बैठक के दौरान जिले के सभी ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों की समीक्षा की गई। डीएम ने इन स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजाम प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने रम्बल स्ट्रिप, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और रोड मार्किंग का काम समयसीमा के भीतर पूरा कराने को कहा। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर बने अवैध कटों को बंद कराने तथा सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवहन और पुलिस विभाग को ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमित प्रवर्तन अभियान चलाने को कहा गया।
डीएम ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ANPR और स्पीड कैमरों जैसी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणालियों का अधिकतम इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए NHAI और 108 एंबुलेंस सेवा के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दुर्घटना के बाद घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।
बैठक में जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम नवाबगंज गुंजिता अग्रवाल, एआरटीओ समेत लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।





















