कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायतों के प्रभावी निस्तारण को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोमवार, 7 सितंबर 2026 को एलडीए के कमेटी हॉल में आयोजित इस कार्यशाला में 90 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत प्रक्रिया और कर्मचारियों को उनके अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में पॉश अधिनियम, 2013 के प्रावधानों और कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने के उपायों पर जानकारी दी गई।
जिजीविषा सोसाइटी की विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यशाला में जिजीविषा सोसाइटी की अधिवक्ता मंजरी उपाध्याय, रुपाली सिंह और आरती गुंजन मेहर ने मुख्य संदर्भदाता के रूप में प्रतिभागियों को जानकारी दी। विशेषज्ञों ने पॉश अधिनियम के तहत कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने की। संचालन आंतरिक समिति की सदस्य सचिव प्रेरणा रानी और आंतरिक समिति के सदस्य एवं प्रोग्रामर नीरज कुमार ने किया। इस मौके पर कर्मचारी संगठन की अध्यक्ष विनोदिनी मिश्रा, अनुभाग अधिकारी अधिष्ठान ध्रुव मल्होत्रा, नीलू सिंह, संघमित्रा गौतम, संकेत शर्मा, रवि सानंद समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पॉश एक्ट के प्रावधानों पर चर्चा
कार्यशाला के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आयोजकों के मुताबिक, औरेलियानो फर्नांडीज बनाम गोवा राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों तथा पॉश अधिनियम, 2013 की धारा 19 के प्रावधानों के तहत कार्यस्थलों पर जागरूकता और संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित करना जरूरी है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि कर्मचारियों को केवल कानून की जानकारी देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार, संवेदनशीलता और शिकायतों के प्रति उचित दृष्टिकोण विकसित करना भी जरूरी है।
शी-बॉक्स से जुड़ी पहली लखनऊ आधारित संस्था होने का दावा
कार्यशाला में बताया गया कि जिजीविषा सोसाइटी शी-बॉक्स (SHe-Box) से एम्पैनल्ड लखनऊ की ऐसी पहली संस्था है, जो पॉश अधिनियम को लेकर लगातार जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रही है। संस्था की ओर से विभिन्न कार्यस्थलों पर कर्मचारियों और अधिकारियों को कानून के प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया तथा सुरक्षित कार्य वातावरण से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जाती है। कार्यशाला के माध्यम से एलडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित मामलों में कानून के तहत उपलब्ध व्यवस्थाओं और आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका के बारे में भी जागरूक किया गया।





















