मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई
कोलकाता, 29 सितंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनसे जुड़े लोगों के 15 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई। ईडी की जांच दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो आयोजित करने वाली संस्था मासआर्ट से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित है।
मासआर्ट के जरिए रकम जुटाने का आरोप
ईडी के अनुसार, महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी यानी मासआर्ट का नेतृत्व इंद्रनील सेन की पत्नी करती हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि संस्था ने लोगों से यह दावा करते हुए बड़ी रकम जुटाई कि धन का इस्तेमाल यूनेस्को से जुड़ी या उसके प्रायोजन वाली गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
एजेंसी को संदेह है कि जुटाई गई रकम का बाद में कथित तौर पर निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। इसी आधार पर वित्तीय लेनदेन और धन के कथित इस्तेमाल की जांच की जा रही है।
जून में दर्ज हुई थी शिकायत और एफआईआर
इस मामले की पृष्ठभूमि में जून 2026 में कोलकाता पुलिस में शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत में इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुचंदा सेन और मासआर्ट के कुछ पदाधिकारियों के नाम शामिल थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि संस्था ने यूनेस्को के साथ आधिकारिक संबंध होने का दावा करते हुए दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के लिए टिकट और पास जारी किए।
इसके बाद कोलकाता पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, उस समय इंद्रनील सेन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वे मासआर्ट से जुड़े नहीं हैं और उनकी पत्नी संस्था से व्यक्तिगत क्षमता में जुड़ी हैं। मासआर्ट की ओर से भी आरोपों को गलत बताया गया था।
ईडी की जांच जारी
अब ईडी ने इसी मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच शुरू की है। मंगलवार को एजेंसी की टीमों ने कुल 15 ठिकानों पर तलाशी ली। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है।
इंद्रनील सेन या मासआर्ट की ओर से ईडी की मंगलवार की कार्रवाई पर तत्काल कोई नई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है। जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।





















