शाहजहांपुर। जिला कारागार में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की 119वीं जयंती श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर कारागार परिवार ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर क्रांतिकारियों के साहस, त्याग और बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई।
इसके बाद कारागार परिसर स्थित शहीद स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर देश के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी गई। क्रांतिकारियों की धरती शाहजहांपुर के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के भित्ति चित्रों पर भी पुष्प अर्पित किए गए। इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और बंदियों ने महान क्रांतिकारियों के बलिदान और राष्ट्रप्रेम को याद किया।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक जेपी तिवारी ने कहा कि शहीद भगत सिंह का जीवन भारतीय युवाओं के लिए साहस, त्याग, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने कम उम्र में मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर देश के इतिहास में अमिट स्थान बनाया। उन्होंने शाहजहांपुर की धरती को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह जैसे अमर क्रांतिकारियों की गाथाओं से गौरवान्वित बताया।
जेल अधीक्षक ने कहा कि इन क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रीय एकता की प्रेरणादायी विरासत छोड़ी है। उन्होंने बंदियों से कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उन्हें याद करना नहीं, बल्कि उनके जीवन से अनुशासन, साहस, कर्तव्यनिष्ठा, आत्मसुधार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की सीख लेना भी है।





















