डीएम से चार सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जिलाधिकारी और सीएमओ को जांच कर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने के दिए निर्देश।
पीडीडीयू नगर (चंदौली)। चंदौली के एमसीएच विंग अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला के पेट में कथित रूप से सर्जिकल तौलिया छोड़ देने के आरोप के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से मामले की जांच कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मानवाधिकार सेंट्रल वॉच एसोसिएशन (सीडब्ल्यूए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने इस मामले की शिकायत एनएचआरसी से की थी। आयोग के विधि प्रभाग ने 21 जुलाई को शिकायत को गंभीर प्रकृति का मानते हुए जांच के आदेश जारी किए।
शिकायत के अनुसार, 13 अक्टूबर 2025 को चंदौली स्थित एमसीएच विंग अस्पताल में रंजना यादव के प्रसव के लिए ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों द्वारा मरीज के पेट में सर्जिकल तौलिया छोड़ दिया गया, जिससे उन्हें गंभीर संक्रमण हो गया और बाद में कई बार सर्जरी करानी पड़ी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विभिन्न स्तरों पर शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी आधार पर एनएचआरसी ने मामले को मानवाधिकार उल्लंघन, कथित चिकित्सकीय लापरवाही और सार्वजनिक अधिकारियों की निष्क्रियता से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
मानवाधिकार सेंट्रल वॉच एसोसिएशन ने आयोग के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि मरीजों की सुरक्षा, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक का अधिकार हैं। संगठन ने निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग दोहराई है।







