डॉक्टर पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप
शव गेट पर रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन, पुलिस ने समझाकर कराया शांत
उन्नाव/सफीपुर। मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में खांसी और बुखार से पीड़ित एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। परिजनों ने शव को अस्पताल के मुख्य गेट पर रखकर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
आसीवन थाना क्षेत्र के मियागंज कस्बे के मोहल्ला बगिया निवासी राकेश (38) तीन दिन पूर्व खांसी और बुखार की शिकायत लेकर सीएचसी मियागंज पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने उन्हें बाहर से जांच कराने और दवाएं खरीदने की सलाह दी थी। आराम न मिलने पर बृहस्पतिवार को उनकी मां कमला दोबारा राकेश को लेकर सीएचसी पहुंचीं।
परिजनों के अनुसार, चिकित्सक ने पुनः बाहर से करीब दो हजार रुपये की जांच और दवाइयां लिखीं तथा मरीज को ड्रिप चढ़ाई गई। आरोप है कि उपचार के दौरान राकेश की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई।
राकेश की मौत से आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सक पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए शव को अस्पताल गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति तनावपूर्ण होती देख संबंधित चिकित्सक अस्पताल से चले गए।
बताया गया कि राकेश मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी सीमा करीब एक वर्ष पूर्व पारिवारिक विवाद के बाद मायके चली गई थीं। परिवार में दो पुत्र लक्की और आरके, मां कमला तथा बहन आशा हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों की ओर से तहरीर दी जाती है तो शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।








