सीएम योगी के निर्देश: राहत कार्य तेज करने के आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश, आकाशीय बिजली और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से हुई जन-धन हानि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल दौरा करने, नुकसान का शीघ्र आकलन करने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा है कि आकाशीय बिजली, अतिवृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों, राजस्व, आपदा प्रबंधन और संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि राहत सामग्री और सरकारी सहायता समय पर लोगों तक पहुंच सके।
किसानों और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से फसलों, पशुधन और संपत्ति को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। किसानों और अन्य प्रभावित लोगों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और राहत होनी चाहिए।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। उन्होंने विशेष रूप से आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी। साथ ही नदियों, तालाबों और जलाशयों में स्नान या अनावश्यक आवाजाही से भी बचने को कहा है।
कई जिलों में नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर
प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बागपत और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में हिंडन नदी चेतावनी स्तर के आसपास या उससे ऊपर बह रही है। बदायूं में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जबकि अयोध्या और बलिया में घाघरा नदी तथा कुशीनगर में गंडक नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया है। प्रशासन को इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत और बचाव कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी जलभराव, बाढ़ या अन्य आपदा की स्थिति बने, वहां राहत और बचाव दल तत्काल सक्रिय किए जाएं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तथा खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।







