पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की मांग
लखनऊ। अखण्ड आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा ने लखनऊ में कथित तौर पर दो विधवा महिलाओं के उत्पीड़न और संपत्ति विवाद के मामले में पुलिस कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए 4 अगस्त को पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि यदि आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि एक हिंदू परिवार की दो विधवा महिलाओं को प्रताड़ित कर उनकी संपत्ति और पारिवारिक कारोबार पर कब्जा करने का प्रयास किया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि गोमतीनगर थाने में घर में घुसकर हमला करने की नीयत से प्रवेश करने का मामला दर्ज होने के बावजूद आगे की कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित महिलाओं ने जबरन धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवक से निकाह करने का दबाव बनाने, आठ वर्षीय बच्ची को बंधक बनाकर गिफ्ट डीड लिखवाने तथा अन्य गंभीर आरोपों की शिकायत भी पुलिस से की है, लेकिन इन मामलों में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। संगठन का दावा है कि कार्रवाई में देरी से आरोपियों का मनोबल बढ़ रहा है।
ऋषि त्रिवेदी के अनुसार, संगठन लगातार पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
महासभा ने कहा कि यदि 4 अगस्त से पहले आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता लखनऊ में पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी हैं और इसे न्याय की लड़ाई बताया है।
नोट: यह समाचार संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों और जारी बयान पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है तथा संबंधित पक्ष या पुलिस का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।





















