मंधोल में 25 हजार लोगों के जुटने का दावा, भारत के पुंछ-मेंढर से रास्ता खोलने की मांग
मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में कई महीनों से जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच अब नियंत्रण रेखा (LoC) को लेकर भी मांग तेज हो गई है। LoC से करीब सात किलोमीटर दूर मंधोल गांव में हुए प्रदर्शन में आयोजकों ने करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया। प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने LoC हटाने और भारत के जम्मू-कश्मीर के पुंछ-मेंढर क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्ते खोलने की मांग उठाई।
यह प्रदर्शन जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC/JAAC) के नेतृत्व में हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, कमेटी के नेता सरदार अमान खान ने सभा को संबोधित करते हुए LoC को हटाने और भारत के जम्मू-कश्मीर से संपर्क बहाल करने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ भी नारे लगाए।
कई महीनों से जारी है विरोध आंदोलन
PoK में विरोध-प्रदर्शन जून 2026 से लगातार चल रहे हैं। आंदोलन की पृष्ठभूमि में स्थानीय शासन, सार्वजनिक सुविधाओं, खाद्य आपूर्ति, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पुराने समझौते को लागू करने जैसी मांगें रही हैं। जुलाई में भी JAAC ने पाकिस्तान सरकार को मांगें पूरी करने के लिए समयसीमा दी थी और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी।
अल जजीरा की 24 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में विरोध के कारण सात विधानसभा सीटों पर चुनाव नहीं हो सके थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आंदोलन से जुड़े संगठन पर पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक कानून के तहत प्रतिबंध लगाया गया था।
LoC के पास बढ़ी गतिविधियां
मंधोल में प्रदर्शन के दौरान भारत के जम्मू-कश्मीर के पुंछ और मेंढर की ओर जाने वाले रास्तों को खोलने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग LoC को समाप्त करने की मांग कर रहा है। हालांकि, इस मांग को पूरे आंदोलन की एकमात्र मांग के रूप में देखना सही नहीं होगा। JAAC के आंदोलन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व, बिजली-पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता जैसे मुद्दे भी शामिल रहे हैं।
चुनाव के बावजूद जारी रहा असंतोष
PoK में 2026 में विधानसभा चुनाव कई चरणों में हुए। अल जजीरा के अनुसार, 27 जुलाई, 2 अगस्त और 10 अगस्त को मतदान हुआ, लेकिन पुंछ डिवीजन की सात सीटों पर सुरक्षा स्थिति के कारण मतदान नहीं हो सका। बाद में भी इन सीटों के लिए नई तारीख घोषित नहीं हुई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने सीधे मुकाबले वाली 38 सीटों में से 25 सीटें जीतीं और आरक्षित सीटों में भी उसे बढ़त मिली। इसके बावजूद क्षेत्र में विरोध आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
राशन और जरूरी सामान की आपूर्ति का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने PoK में खाद्य और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी संगठनों ने आरोप लगाया है कि आंदोलन के कारण क्षेत्र में आवश्यक सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि, आपूर्ति बाधित होने और उसके कारणों से जुड़े दावों को संबंधित पक्षों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अल जजीरा ने भी आंदोलन के दौरान इंटरनेट सेवाओं पर लगी पाबंदियों और क्षेत्र में व्यापक तनाव का उल्लेख किया है। उसके अनुसार, ब्रॉडबैंड सेवा 13 सितंबर को बहाल हुई थी, जबकि कुछ हिस्सों में मोबाइल डेटा पर प्रतिबंध जारी था।
आगे क्या होगा?
मंधोल की रैली के बाद LoC और भारत से संपर्क खोलने की मांग PoK के आंदोलन का एक महत्वपूर्ण नया पहलू बनकर सामने आई है। हालांकि, इस मांग के आगे बढ़ने और जमीन पर इसके प्रभाव को लेकर अभी कोई स्पष्ट आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है। क्षेत्र में जारी आंदोलन की दिशा आने वाले दिनों में पाकिस्तान सरकार, स्थानीय प्रशासन और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच बातचीत तथा आंदोलन की अगली रणनीति पर निर्भर करेगी।





















