वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के चार अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स के Crew-13 मिशन के तहत महज 7 घंटे 55 मिनट में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंच गए। NASA के मुताबिक यह किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यान का ISS तक पहुंचने का अब तक का सबसे तेज समय है। चारों अंतरिक्ष यात्री 1 अक्टूबर को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से स्पेसएक्स के Falcon 9 रॉकेट और Dragon अंतरिक्ष यान के जरिए रवाना हुए थे।
Crew-13 में NASA की अंतरिक्ष यात्री जेसिका वॉटकिन्स और ल्यूक डेलानी, कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक और रूस के कॉस्मोनॉट सर्गेई टेटेर्यातनिकोव शामिल हैं। Dragon अंतरिक्ष यान ने 1 अक्टूबर को शाम 7:05 बजे EDT पर ISS के Harmony मॉड्यूल के फॉरवर्ड पोर्ट से डॉकिंग की।
छह महीने तक अंतरिक्ष में रहेंगे
Crew-13 के सदस्य ISS पर लंबे समय के वैज्ञानिक मिशन के तहत करीब छह महीने बिताएंगे। इस दौरान वे माइक्रोग्रैविटी में वैज्ञानिक प्रयोगों और मानव स्वास्थ्य से जुड़े शोध सहित कई परियोजनाओं पर काम करेंगे। NASA के मुताबिक मिशन में स्टेम सेल से बने मानव ऊतकों पर शोध, अंतरिक्ष में पौधों की खेती और माइक्रोग्रैविटी में रक्त प्रवाह से जुड़े प्रभावों का अध्ययन शामिल है।
जेसिका वॉटकिन्स दूसरी बार ISS पहुंचीं
मिशन की कमांडर जेसिका वॉटकिन्स दूसरी बार अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची हैं। NASA के अनुसार उन्होंने 2022 में Crew-4 मिशन के दौरान ISS पर 170 दिन बिताए थे। वह 2017 में NASA के अंतरिक्ष यात्री दल में चुनी गई थीं और इससे पहले मंगल ग्रह पर NASA के क्यूरियोसिटी रोवर से जुड़े वैज्ञानिक दल का हिस्सा रह चुकी हैं।
तीन सदस्यों की पहली अंतरिक्ष उड़ान
Crew-13 के अन्य तीन सदस्य—ल्यूक डेलानी, जोशुआ कुट्रिक और सर्गेई टेटेर्यातनिकोव—पहली बार अंतरिक्ष मिशन पर गए हैं। डेलानी NASA के अंतरिक्ष यात्री और पायलट हैं, जबकि कुट्रिक कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी से जुड़े हैं। टेटेर्यातनिकोव रूस की अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos के कॉस्मोनॉट हैं।
Crew-13 के ISS पहुंचने के बाद यह दल Expedition 75 में शामिल हो गया है। NASA के अनुसार अंतरिक्ष स्टेशन पर अब विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के सदस्य मिलकर वैज्ञानिक प्रयोग और स्टेशन से जुड़े कार्य करेंगे।
स्पेसएक्स और NASA का यह मिशन अमेरिकी Commercial Crew Program का हिस्सा है, जिसके तहत निजी अंतरिक्ष कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को ISS तक पहुंचाने और वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है।





















