25 हजार रुपये में पीपल-पाकड़ बेचने का आरोप, ग्रामीण ने गगहा थाने में एफआईआर की लगाई गुहार
सरकारी रास्ता अवरुद्ध होने से ग्रामीणों में आक्रोश, राजस्व रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई : पुलिस
गोरखपुर। गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम गजहड़ा में पेड़ कटान और सरकारी चकमार्ग अवरुद्ध किए जाने के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव निवासी चन्द्रप्रकाश शाही ने थाना गगहा में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उनके बाग की भूमि पर स्थित वर्षों पुराने पीपल और पाकड़ के पेड़ों को उनकी अनुपस्थिति में बेच दिया गया तथा पेड़ों के अवशेष सरकारी चकमार्ग पर रखकर रास्ता बाधित कर दिया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनका बाग आराजी संख्या 260क में स्थित है, जो गांव के मंदिर के समीप है। आरोप है कि गांव के ही सर्वदानंद उर्फ छोटू शाही, अनिरुद्ध शाही तथा अन्य लोगों ने आपसी मिलीभगत से पेड़ों को बेच दिया। उनका दावा है कि पेड़ लगभग 25 हजार रुपये में बेचा गया, जबकि इस संबंध में उनसे कोई सहमति नहीं ली गई।
प्रार्थी का कहना है कि पेड़ों की कटाई के बाद लकड़ी और अन्य सामग्री सरकारी चकमार्ग पर रख दी गई, जिससे कई परिवारों के आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है। उन्होंने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने तथा अवरुद्ध चकमार्ग को तत्काल खुलवाने की मांग की है।
राजस्व रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी गगहा ने दूरभाष पर बताया कि मामला संज्ञान में है और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। एक पक्ष संबंधित भूमि को अपना बाग बता रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि पेड़ मंदिर की भूमि पर स्थित था। चूंकि विवाद राजस्व अभिलेखों से जुड़ा है, इसलिए मामले को राजस्व विभाग के समक्ष परीक्षण के लिए भेजा गया है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गांव में पेड़ों की बिक्री, भूमि स्वामित्व और सरकारी रास्ता अवरुद्ध किए जाने के आरोपों को लेकर चर्चा तेज है। ग्रामीणों की निगाहें अब राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।







