बोले- शिक्षितों के हकों की रक्षा मेरी प्राथमिकता
एटा/जलेसर। आगरा स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी और अवागढ़ रियासत के युवराज राजा अम्बरीष पाल सिंह का शुक्रवार को जलेसर स्थित नंदनवन मैरिज होम में भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का उद्देश्य पद या प्रतिष्ठा प्राप्त करना नहीं, बल्कि शिक्षितों और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए जनसेवा करना है।
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए राजा अम्बरीष पाल सिंह ने कहा कि “जलेसर मेरा गृह नगर नहीं, बल्कि मेरा घर है। यहां के लोगों से मेरा और मेरे परिवार का वर्षों पुराना आत्मीय संबंध है।” उन्होंने कहा कि शिक्षित वर्ग की समस्याओं को वही बेहतर समझ सकता है, जिसने उन्हें करीब से महसूस किया हो।
उन्होंने शिक्षकों और शिक्षितों से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताते हुए कहा कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) की जगह नई पेंशन योजना (NPS), महंगाई भत्ते और विभिन्न नीतियों के कारण शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें अवसर मिला तो वे शिक्षितों और शिक्षकों के अधिकारों की मजबूती से आवाज उठाएंगे।
राजा अम्बरीष पाल सिंह ने कहा कि अवागढ़ रियासत परिवार से चुनावी मैदान में उतरने वाले वह दूसरे सदस्य हैं। इससे पहले उनके पूर्वज राव साहब ने चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपने पूर्वज राजा बलबंत सिंह के जनसेवा के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराते हुए मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की।
कार्यक्रम को आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय प्रकाश श्रीवास्तव सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में राजा बलबंत सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए शिक्षित समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ. डी.एस. यादव, डॉ. देवेश शर्मा, डॉ. पवन माहौर, ललित वार्ष्णेय, राहुल यादव एडवोकेट, अजय गर्ग, सौरवेंद्र सिंह यादव, नरेन्द्र पाल सिंह, धर्मेन्द्र जादौन सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि और समर्थक उपस्थित रहे।







