Amrit Ujala | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | 23 जुलाई 2026
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोही संगठन अंसार अल्लाह (Houthis) ने दावा किया है कि उसने लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के झंडे वाले दो तेल टैंकर ENCELA और LAYLIA को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि दोनों जहाजों ने संगठन द्वारा हाल ही में घोषित समुद्री नाकेबंदी (Naval Blockade) का उल्लंघन किया था, इसलिए उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई।
याह्या सरी के अनुसार, इस अभियान में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि हमले के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई। हालांकि उन्होंने किसी चालक दल के हताहत होने या जहाजों को हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
“करीब 10 जहाजों ने बदला रास्ता”
हूती प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि उनकी कार्रवाई के बाद करीब 10 अन्य व्यापारिक जहाजों ने लाल सागर में अपना मार्ग बदल दिया या वापस लौट गए। संगठन का कहना है कि सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री प्रतिबंध का पालन नहीं करने वाले जहाजों को भविष्य में भी निशाना बनाया जाएगा।
UKMTO ने टैंकर पर प्रोजेक्टाइल लगने की पुष्टि की
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी एक घटना की पुष्टि की है। एजेंसी के अनुसार, उसे एक तेल टैंकर के कप्तान से सूचना मिली कि जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आ गया, जिससे उसमें आग लग गई। चालक दल आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहा है।
हालांकि UKMTO ने प्रभावित जहाज का नाम, उसकी राष्ट्रीयता या सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि एजेंसी जिस जहाज का उल्लेख कर रही है, वह हूतियों द्वारा बताए गए ENCELA या LAYLIA में से कोई है या नहीं।
20 जुलाई को घोषित की थी सऊदी जहाजों की समुद्री नाकेबंदी
हूतियों ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी। संगठन का कहना है कि यह कदम यमन पर लंबे समय से लगाए गए प्रतिबंधों और हूती नियंत्रित सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हाल में हुए हमले के जवाब में उठाया गया है।
हूतियों का आरोप है कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने वर्षों से यमन के बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर प्रतिबंध लगाकर मानवीय संकट को बढ़ाया है। दूसरी ओर, सऊदी अरब इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
बाब-अल-मंदेब और लाल सागर पर बढ़ा खतरा
लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। इसी मार्ग से यूरोप और एशिया के बीच बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और कंटेनर कार्गो का आवागमन होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में हमले लगातार जारी रहे, तो वैश्विक शिपिंग, तेल आपूर्ति और बीमा लागत पर व्यापक असर पड़ सकता है। पहले भी इस क्षेत्र में हमलों के कारण कई शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों का मार्ग बदल चुकी हैं।
सऊदी अरब की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक सऊदी अरब ने हूतियों के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की थी। वहीं, प्रभावित जहाजों के मालिकों या प्रबंधन कंपनियों की ओर से भी कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दोनों टैंकरों पर हमले का दावा हूतियों ने किया है। UKMTO ने एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल लगने और आग लगने की घटना की पुष्टि की है, लेकिन उसने प्रभावित जहाज की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए ENCELA और LAYLIA पर हमले के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।







