लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के कार्यरत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य किए जाने के बाद शासन ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रदेश के कुल 1,42,818 कार्यरत शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इनमें 64,062 प्राथमिक स्तर के शिक्षक, 76,256 उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक तथा 2,500 विशेष शिक्षक शामिल हैं। इन सभी शिक्षकों के लिए अलग से विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि वे न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक पात्रता पूरी कर सकें और उनकी सेवाओं पर किसी प्रकार का संकट न आए।
शासन ने शिक्षा सेवा चयन आयोग से कहा है कि परीक्षा कराने की पूरी कार्ययोजना तैयार कर जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए। कार्ययोजना में परीक्षा की संभावित तिथि, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा केंद्र, मूल्यांकन व्यवस्था तथा परिणाम घोषित करने की समय-सीमा सहित सभी बिंदुओं का उल्लेख किया जाएगा। योजना मिलने के बाद शासन परीक्षा कार्यक्रम को अंतिम रूप देगा।
गौरतलब है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर प्रभावित शिक्षक लंबे समय से सरकार से विशेष व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने लगातार प्रदर्शन और आंदोलन किए। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को उठाकर कार्यरत शिक्षकों को राहत देने की मांग की जा रही है। सरकार के इस फैसले को लाखों शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसी बीच, बेसिक शिक्षा विभाग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देशों के अनुपालन में दंपती शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 5 अगस्त कर दी है। शासन ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि पात्र शिक्षक-शिक्षिकाओं को निर्धारित तिथि तक आवेदन का अवसर दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र अभ्यर्थी आवेदन से वंचित न रहे।
वहीं, 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत सूची को अंतिम मानने से इनकार करते हुए सभी पक्षों को वर्ष 2020 से अब तक की पूरी घटनाक्रम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। अदालत के इस रुख के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों की निगाहें अब अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
यूपी: कार्यरत प्राइमरी शिक्षकों को बड़ी राहत, सरकार कराएगी विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा








