नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को जनरल कोटे से जुड़े हजारों लोगों की भीड़ जुटी। प्रदर्शनकारियों ने UGC के नए नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। हाथों में पोस्टर और तख्तियां लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अवसर सभी के लिए समान होने चाहिए। भीड़ में युवाओं के साथ अभिभावक और नौकरी की तैयारी कर रहे लोग भी नजर आए।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि लंबे समय से वे प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नए नियमों और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था का असर सामान्य वर्ग के छात्रों और अभ्यर्थियों के अवसरों पर पड़ रहा है। जंतर-मंतर पर मौजूद कई युवाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी उन्हें बराबरी का मौका नहीं मिल पाने का एहसास लगातार परेशान करता है।
प्रदर्शनकारियों ने UGC से नए नियमों पर पुनर्विचार करने और आरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर व्यापक चर्चा की मांग की। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि छात्रों और अभ्यर्थियों की चिंताओं को सुनकर ठोस समाधान निकालने की जरूरत है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से इस विषय पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की।
जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन बताता है कि आरक्षण और उच्च शिक्षा से जुड़े नियमों को लेकर समाज के एक वर्ग में अब भी गहरी बेचैनी है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनकी आवाज को भी गंभीरता से सुना जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें मेहनत करने वाले हर छात्र को अपने भविष्य के लिए निष्पक्ष अवसर मिलने का भरोसा हो। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार और UGC इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।





















