लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए देश के राज्यों को तीन सेक्टर में बांट दिया है। नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को सेक्टर-3 में रखा गया है। इन दोनों राज्यों के संगठन की निगरानी मायावती स्वयं करेंगी। पार्टी के अनुसार यह व्यवस्था संगठन को मजबूत करने और सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
नई व्यवस्था में सेक्टर-1 में 10 राज्यों और सेक्टर-2 में नौ राज्यों को शामिल किया गया है। इन दोनों सेक्टरों की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। यूपी और उत्तराखंड को अलग सेक्टर में रखते हुए इनके कामकाज की निगरानी लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय से की जाएगी।
मायावती ने संगठन में बदलाव के साथ प्राकृतिक आपदा से प्रभावित राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं को राहत एवं मदद के काम में सक्रिय होने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने भारी बारिश, आंधी और तूफान से प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की है। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार प्रभावित लोगों की सहायता करें।
मायावती ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को अधिक प्रभावित राज्यों में भेजा जा सकता है। ईशान आनंद को हाल ही में बसपा का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। इससे पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से अलग किया गया था।
मायावती ने बारिश, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की सरकारों से भी लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों की मदद का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी कार्यकर्ताओं को राहत कार्यों में सहयोग करने को कहा गया है, लेकिन इसके लिए अलग से धन एकत्र नहीं करने की हिदायत दी गई है।
बसपा में यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पार्टी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है। हाल के दिनों में पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर संगठन और पदाधिकारियों में कई बदलाव किए हैं। 23 सितंबर को मायावती ने ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी थी।
नई सेक्टर व्यवस्था के तहत अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का संगठन सीधे मायावती की निगरानी में रहेगा, जबकि देश के अन्य राज्यों के लिए अलग-अलग सेक्टर प्रभारी संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालेंगे।





















