झांसी में 10.21 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारियों को लेकर जनपदस्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न, 14 अगस्त को होगा मॉप-अप अभियान
झांसी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 अगस्त 2026) के सफल आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग झांसी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी की अध्यक्षता में जनपदस्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने की तैयारियों को अंतिम रूप देना रहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों में एनीमिया, कुपोषण और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में प्रत्येक पात्र बच्चे को वर्ष में दो बार, फरवरी और अगस्त माह में, एल्बेंडाजोल की गोली अवश्य खिलाई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनपद में लगभग 10.21 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को सरकारी एवं निजी विद्यालयों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे किसी कारणवश उस दिन अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें 14 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की गोली दी जाएगी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.के. जैन ने कहा कि नियमित कृमि मुक्ति (डिवर्मिंग) से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, पोषण स्तर और सीखने की क्षमता में सुधार होता है। साथ ही एनीमिया की रोकथाम में भी यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयश्री शुक्ला ने कृमि संक्रमण से बचाव के उपायों, व्यक्तिगत स्वच्छता, साबुन से हाथ धोने की आदत, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा आयरन युक्त संतुलित आहार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं डीईआईसी मैनेजर डॉ. रामबाबू कुमार ने एल्बेंडाजोल की उपयोगिता और अभियान के प्रभावी संचालन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.के. जैन, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान तिवारी, डॉ. आशीष अग्निहोत्री, डॉ. नितिन कंसौरिया, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयश्री शुक्ला, डीसीपीएम प्रशांत वर्मा, डीईआईसी मैनेजर डॉ. रामबाबू कुमार, डीपीओ दिनेश सिंह, सभी अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सहायक शोध अधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक, एविडेंस एक्शन संस्था के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय तथा समस्त सीडीपीओ उपस्थित रहे।







