लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायतीराज मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की मांग पूरी तरह जायज है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के आंदोलन को राजनीतिक करार देते हुए उन पर तीखा हमला बोला।
मीडिया से बातचीत में राजभर ने कहा कि छात्रों की मांग उचित है और पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने गए थे, लेकिन प्रदर्शन के दौरान देशविरोधी नारे लगाए गए। उनके मुताबिक आम आदमी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेता छात्रों को उकसाने पहुंचे, लेकिन लाठीचार्ज होने पर उन्हें छोड़कर चले गए।
राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में नकल और पेपर लीक आम बात थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार नकलविहीन परीक्षाएं कराने और पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस दौरान मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट परिसर से खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ भी किया। उन्होंने टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा पौधरोपण और जल संरक्षण का संदेश दिया।
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह किसी भी स्थिति में लाठीचार्ज का समर्थन नहीं करते, लेकिन छात्रों को भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरियों के लिए बोली लगती थी, जबकि मौजूदा सरकार बिना भ्रष्टाचार के प्रदेश में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है।







