लम्भुआ, सुलतानपुर। लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के जफरापुर निवासी वीरेंद्र शुक्ला की करंट लगने से हुई मौत के मामले में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस मामले में आरोपी बनाए गए बहमरपुर निवासी विनोद पांडे की 20 वर्षीय बेटी शिखा पांडे की रविवार को मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, पिता के जेल जाने के बाद से शिखा काफी परेशान थी और अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया गया कि 13 अगस्त की शाम जफरापुर निवासी वीरेंद्र शुक्ला सखौली गांव में बिजली बनाने के लिए खंभे पर चढ़े थे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद शुक्ला परिवार की ओर से लम्भुआ थाने में बहमरपुर निवासी विनोद पांडे और लाइनमैन अखिलेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
परिजनों के अनुसार, विनोद पांडे की बड़ी बेटी शिखा एमए फाइनल ईयर की छात्रा थी और गोपालपुर मधईयां में पढ़ाई कर रही थी। पिता के जेल जाने और मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। शुक्रवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। रविवार को हालत गंभीर होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि शिखा की मौत हार्ट अटैक से हुई, हालांकि इस संबंध में चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आना बाकी है।
वहीं, पांडे परिवार ने विनोद पांडे को मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि विनोद घटना के लिए जिम्मेदार नहीं थे, फिर भी उन्हें जेल भेजे जाने से पूरा परिवार मानसिक तनाव में था। शिखा की अचानक मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। एक तरफ पिता जेल में हैं तो दूसरी ओर बेटी की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।





















