दोपहर का वक्त था। आसपास की सड़क पर रोज की तरह आवाजाही हो रही थी, लेकिन अचानक एक तेज आवाज ने पूरे इलाके को दहला दिया। कुछ ही पलों में एक इमारत भरभराकर नीचे आ गई और चारों तरफ धूल का गुबार छा गया। किसी को कुछ समझ आता, उससे पहले मलबे के नीचे जिंदगी के फंसे होने की खबर ने हर किसी को बेचैन कर दिया। दिल्ली के सत्य निकेतन के पास हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है। बताया जा रहा है कि हादसा करीब दोपहर 1:30 बजे हुआ। जिस इमारत में हॉस्टल संचालित होने की बात सामने आई है, उसमें छात्र भी रहते थे। यही वजह है कि मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका ने चिंता और बढ़ा दी है।
मलबे के ढेर में अपनों की तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटा है। अब तक 8 घायलों को बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन बचाव अभियान अभी जारी है। मलबे का हर हिस्सा हटाते समय राहतकर्मियों की नजर इस उम्मीद पर टिकी है कि कहीं कोई जिंदगी मदद का इंतजार तो नहीं कर रही। मशीनों की आवाज के बीच मौके पर मौजूद लोगों की निगाहें लगातार बचाव दल पर टिकी हैं।
हॉस्टल होने से बढ़ी चिंता
इमारत में हॉस्टल संचालित होने की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों के परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। जिन घरों में इस वक्त अपने बच्चों के फोन का इंतजार हो रहा होगा, वहां हर गुजरता मिनट बेचैनी बढ़ा रहा होगा। किसी मां को अपने बेटे की आवाज सुनने का इंतजार है, तो किसी पिता की नजर मोबाइल स्क्रीन पर टिकी होगी। एक छोटी सी घंटी या फोन की आवाज इस वक्त कई परिवारों के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर बन सकती है।
आसपास की इमारतें भी खाली कराई गईं
हादसे के बाद एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है। मौके पर दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच चुके हैं और राहत-बचाव अभियान की निगरानी की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हर गुजरते पल के साथ बचाव दल की कोशिश यही है कि मलबे के नीचे दबे किसी व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में इमारतों की सुरक्षा और हॉस्टल जैसी जगहों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन इन सवालों के जवाब बाद में तलाशे जाएंगे। इस वक्त पूरे इलाके की नजर सिर्फ मलबे पर है—इस उम्मीद के साथ कि उसके नीचे से कोई जिंदगी सुरक्षित बाहर आए और किसी परिवार के घर फिर से खुशियों की आवाज सुनाई दे।





















