एटा। जनपद एटा के पूर्व मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र का कार्यकाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक अनुश्रवण तथा ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने के लिए उल्लेखनीय माना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान शासन की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के प्रयास किए गए।
मुख्य विकास अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की नियमित समीक्षा की तथा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचे। विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया।
उनके कार्यकाल में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायत सशक्तिकरण, जल संरक्षण, महिला एवं बाल विकास तथा पोषण अभियान सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में नियमित बैठकों एवं स्थलीय निरीक्षणों के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाती रही।
डॉ. मिश्र की कार्यशैली की विशेषता मैदानी निरीक्षण मानी जाती थी। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण कर कमियों के सुधार के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था, सामुदायिक शौचालयों के संचालन तथा पंचायत स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने के प्रयास भी किए गए।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। वहीं, पोषण अभियान, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी विशेष पहल की गई।
प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार, डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र की कार्यप्रणाली अनुशासन, नियमित समीक्षा और परिणामोन्मुख दृष्टिकोण पर आधारित थी। उनके कार्यकाल में विभागों के बीच समन्वय बढ़ने से कई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति दर्ज की गई।
पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से भी उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया। स्थानीय स्तर पर उनके कार्यकाल को विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय बनाने के प्रयासों के लिए याद किया जाता है।








