टीकाकरण से वंचित बच्चों की होगी पहचान
GAVI, PCI India और WHO के सहयोग से आशा, आंगनबाड़ी, आशा संगिनी व एएनएम को दिया जा रहा प्रशिक्षण, माइक्रोप्लानिंग और जागरूकता पर विशेष जोर
अलीगंज (एटा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अलीगंज में सोमवार से जीरो डोज इम्प्लीमेंटेशन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। GAVI (द वैक्सीन एलायंस), PCI India और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह प्रशिक्षण 27 से 30 जुलाई तक चलेगा। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जिन्हें जन्म के बाद अब तक नियमित टीकाकरण का एक भी टीका नहीं लग पाया है, ताकि उन्हें राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) से जोड़कर पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जा सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने की। प्रशिक्षण में क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा संगिनी और एएनएम ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि ‘जीरो डोज’ उन बच्चों को कहा जाता है, जिन्हें नियमित टीकाकरण का पहला टीका भी नहीं लग पाया है। ऐसे बच्चे खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी, निमोनिया सहित कई गंभीर बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इसलिए इन बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।
प्रशिक्षण में बीपीएम दिव्यांशी भदौरिया, PCI GAVI के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पुष्पेंद्र सिंह, भानु प्रताप तथा WHO के फील्ड मॉनिटर अतुल चतुर्वेदी ने तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने घर-घर सर्वेक्षण, जीरो डोज बच्चों की पहचान, लाभार्थियों का सत्यापन, माइक्रोप्लान तैयार करने, डेटा प्रबंधन, नियमित फॉलो-अप, टीकाकरण सत्रों की मॉनिटरिंग और समयबद्ध रिपोर्टिंग की प्रक्रिया समझाई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि पलायन, जागरूकता की कमी, सामाजिक भ्रांतियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने जैसे कारणों से कई बच्चे नियमित टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों तक पहुंचने के लिए आशा, आंगनबाड़ी, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें गांव-गांव सर्वे कर प्रत्येक पात्र बच्चे को टीकाकरण सत्र तक लाने का प्रयास करेंगी।
बैठक में टीकाकरण को लेकर फैली अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे अभिभावकों को नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने विश्वास जताया कि GAVI, PCI India, WHO और फील्ड स्तर पर कार्यरत आशा, आंगनबाड़ी, आशा संगिनी तथा एएनएम के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में नियमित टीकाकरण का दायरा और अधिक मजबूत होगा तथा “कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे” के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकेगा।







