कई पंचायत भवनों पर लटके मिले ताले, लेखपाल और पंचायत सहायक भी नहीं पहुंचे; ग्रामीणों को लौटना पड़ा मायूस
उन्नाव। ग्रामीणों को राजस्व संबंधी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से एक जुलाई से ग्राम सचिवालयों (पंचायत भवनों) में लेखपालों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि पहले ही दिन यह व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह विफल नजर आई। जिले के कई पंचायत भवनों पर ताले लटके मिले, जबकि कहीं भी लेखपाल और पंचायत सहायक समय पर नहीं पहुंचे।
हसनगंज एसडीएम कार्यालय से महज 150 मीटर दूर स्थित हसनगंज पंचायत भवन में सुबह 11 बजे तक ताला बंद मिला। वहीं, निमादपुर गांव के पंचायत भवन का ताला सुबह 10:35 बजे तक नहीं खुला था। यहां लेखपाल, सचिव और पंचायत सहायक—तीनों ही अनुपस्थित मिले। सुबह 10:40 बजे रामपुर अखौली पंचायत भवन भी बंद मिला। इसके अलावा चांदपुर झलिहई, झलोतर, नवई, लखनापुर और आदमपुर भांसी के पंचायत भवनों में भी ताले लटके मिले।
बिछिया ब्लॉक के बदलीखेड़ा पंचायत भवन में भी सुबह 11:06 बजे तक ताला बंद था। उधर, पुरवा तहसील क्षेत्र में रोस्टर तैयार नहीं होने के कारण कोई भी लेखपाल पंचायत भवन में नहीं पहुंचा।
ग्रामीण रमेश, अधीर सैनी और चंद्रशेखर द्विवेदी ने बताया कि जरूरी राजस्व कार्य कराने के लिए पंचायत भवन पहुंचे थे, लेकिन वहां न लेखपाल मिले और न ही पंचायत सहायक। इसके चलते उन्हें बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
रोस्टर तैयार होने के बाद बैठेंगे लेखपाल
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड ने बताया कि सभी एसडीएम को लेखपालों की उपस्थिति का रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। रोस्टर तैयार होते ही लेखपाल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ग्राम सचिवालयों में नियमित रूप से बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे।








