लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। जिस हिस्से में करीब 16 दिन पहले 200 मीटर तक सड़क धंस गई थी, उसी के आसपास अब करीब 700 मीटर सड़क में कई जगह लंबी दरारें और व्हील ट्रैक बन गए हैं। हालात को देखते हुए कानपुर से लखनऊ जाने वाली सड़क की दो लेन को बंद कर मरम्मत का काम शुरू कराया गया है। फिलहाल एक लेन और करीब डेढ़ किलोमीटर के डायवर्जन के जरिए यातायात चलाया जा रहा है।
एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने का सिलसिला लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद शुरू हो गया था। 25 जुलाई को किलोमीटर संख्या 64.4 के पास कोरारी और अड़ेरुआ गांव के बीच सड़क धंसी थी। इसके बाद पांच अगस्त की रात इसी इलाके में करीब 200 मीटर सड़क धंस गई थी। लगातार सामने आ रही इन खामियों के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे थे। मरम्मत के बाद भी अब दोबारा दरारें आने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
बुधवार रात किलोमीटर संख्या 61.4 से 63 के बीच सड़क पर फिर दरारें दिखाई दीं। करीब तीन मीटर हिस्से में व्हील ट्रैक बनने की भी बात सामने आई है। निर्माण एजेंसी पीएनसी ने रात में ही करीब 100 मीटर हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब 600 मीटर हिस्से में सड़क की ऊपरी परत हटाकर नई परत बिछाने का काम शुरू किया गया। इस दौरान यातायात प्रभावित रहा और वाहन चालकों को डायवर्जन का सहारा लेना पड़ा।
वहीं, एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। किलोमीटर संख्या 54 पर मंगतखेड़ा अंडरपास के पास बारिश के कारण करीब 20 फीट मिट्टी बह गई है। एक सप्ताह पहले भी यहां मिट्टी धंसने की समस्या सामने आई थी और मरम्मत कराई गई थी, लेकिन बुधवार रात हुई बारिश के बाद स्थिति फिर बिगड़ गई। ऐसे में लगातार हो रही बारिश के बीच एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।





















