32 हजार करोड़ की नमो भारत परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी
लखनऊ, 12 जुलाई। उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) की महत्वाकांक्षी विकास योजना के तहत कानपुर से अयोध्या तक प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबे नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। करीब 32 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना पर मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद कार्य शुरू होगा।
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर की शुरुआत कानपुर के नयागंज से होगी और यह उन्नाव व लखनऊ होते हुए अयोध्या तक जाएगा। पहले चरण में नयागंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर 12 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिससे कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) मॉडल के तहत आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे नए निवेश आकर्षित होंगे, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
एससीआर योजना के तहत 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल, बछरावां और संडीला में औद्योगिक क्लस्टर, नए ट्रांसपोर्ट नगर तथा पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शासन स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी के बाद परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इन योजनाओं के पूरा होने से कानपुर की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और शहर प्रदेश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्र के रूप में और अधिक विकसित होगा।
से अयोध्या तक दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रेन
कानपुर, 11 जुलाई। उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) की महत्वाकांक्षी विकास योजना के तहत कानपुर से अयोध्या तक प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबे नमो भारत (आरआरटीएस) कॉरिडोर को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। करीब 32 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना पर मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद कार्य शुरू होगा।
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर की शुरुआत कानपुर के नयागंज से होगी और यह उन्नाव व लखनऊ होते हुए अयोध्या तक जाएगा। पहले चरण में नयागंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर 12 स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिससे कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) मॉडल के तहत आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे नए निवेश आकर्षित होंगे, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
एससीआर योजना के तहत 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल, बछरावां और संडीला में औद्योगिक क्लस्टर, नए ट्रांसपोर्ट नगर तथा पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शासन स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी के बाद परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इन योजनाओं के पूरा होने से कानपुर की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और शहर प्रदेश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्र के रूप में और अधिक विकसित होगा।








