लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका लोकार्पण करेंगे। इसके बाद 14 जुलाई से एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को देश का पहला बैरियर-फ्री हाईवे बताया जा रहा है। इस पर टोल वसूली के लिए अत्याधुनिक AI आधारित कैमरा प्रणाली लगाई गई है, जो वाहन की पहचान कर स्वतः टोल काटेगी। सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में यही कैमरे तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भी भेजेंगे, जिससे राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा।
एक्सप्रेस-वे पर बाइक, ऑटो और अन्य तीन पहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल चार पहिया और उससे बड़े वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इस एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने वालों को सामान्य राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना में करीब तीन गुना अधिक टोल देना पड़ सकता है। इसके संचालन से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा तथा दोनों शहरों के बीच आवागमन अधिक तेज और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 14 जुलाई से आम जनता के लिए खुलेगा, बाइक और तीन पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक








