अयोध्या। तापसी छावनी पीठाधीश्वर के उत्तराधिकारी राजर्षि महंत एकनाथ महाराज ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर 25 जून से 18 जुलाई तक मौन व्रत का संकल्प लिया है।
महंत एकनाथ महाराज के समर्थकों का दावा है कि उनके मौन व्रत की शुरुआत के साथ ही इस पूरे प्रकरण में घटनाक्रम तेज हो गया। उनके अनुसार, 25 जून को ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर सामने आई, जिसकी 28 जून को पुष्टि होने की बात कही जा रही है। साथ ही, मामले में आठ लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होने और उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेजे जाने का भी दावा किया गया है।
अब 11 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
मौन व्रत के दौरान जारी अपने लिखित संदेश में महंत एकनाथ महाराज ने कहा कि जनमानस की इच्छा है कि राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने लिखा, “जब तक मेरा मौन व्रत पूर्ण होगा, तब तक दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
समर्थकों का कहना है कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था और सत्य के पक्ष में लिया गया यह संकल्प हिंदू समाज के हितों की रक्षा का प्रतीक है। उनका दावा है कि देशभर से श्रद्धालु महंत के मौन व्रत को समर्थन दे रहे हैं और इसे सत्य एवं न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पहल के रूप में देख रहे हैं।








