बिजयीडीह गांव में लगा विशेष राजस्व न्यायालय, कई मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण
बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए बलरामपुर प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने गुरुवार को तहसील तुलसीपुर के ग्राम बिजयीडीह में विशेष राजस्व अदालत (डीएम कोर्ट) आयोजित कर सीधे ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक आदेश जारी किए।
गांव में पहली बार इस तरह की विशेष अदालत लगने से ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग अपनी भूमि संबंधी शिकायतें, सीमांकन विवाद और कब्जे से जुड़े मामले लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों से जानकारी ली और राजस्व अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
कई पुराने मामलों को मिली गति
विशेष अदालत के दौरान उपजिलाधिकारी तुलसीपुर और तहसीलदार ने भी लंबित राजस्व मामलों की सुनवाई की। कई पुराने विवादों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि कुछ मामलों में जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का मानना है कि ऐसे प्रयासों से वर्षों से लंबित भूमि विवादों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी और ग्रामीणों को बार-बार तहसील और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
भूमि विवाद बनते हैं कानून-व्यवस्था की चुनौती
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद अक्सर सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की समस्याओं का कारण बनते हैं। कई बार छोटे विवाद बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं। ऐसे में प्रशासन का उद्देश्य है कि न्याय को लोगों के द्वार तक पहुंचाया जाए और शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आमजन को राहत देना प्रशासन की प्राथमिकता है और राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब गांवों में नियमित लगेंगी राजस्व अदालतें
जिलाधिकारी ने बताया कि भविष्य में भी गांव स्तर पर एसडीएम और तहसीलदार की अदालतें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। इससे न केवल भूमि विवादों का शीघ्र निस्तारण होगा, बल्कि लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित राजस्व मामलों की नियमित समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
गांव में आयोजित विशेष राजस्व अदालत को लेकर ग्रामीणों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि पहली बार प्रशासन स्वयं गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
प्रशासन की यह पहल ग्रामीण न्याय प्रणाली को मजबूत करने और भूमि विवादों के समाधान को जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







