सात घंटे हंगामा, पुलिस-जेल प्रशासन पर पिटाई का आरोप
हत्या के प्रयास के मामले में एक दिन पहले भेजा गया था जेल, जिला अस्पताल में मौत के बाद परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम
उन्नाव। हत्या के प्रयास के मामले में जेल भेजे गए एक श्रमिक की बुधवार को जिला अस्पताल में मौत हो जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। करीब सात घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने पर परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।
जानकारी के अनुसार, आसीवन थाना क्षेत्र के बेगमनगर निवासी शफीक (50) को हत्या के प्रयास के एक मामले में मंगलवार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। आरोप है कि 21 जून को एक युवती से मिलने पहुंचे युवक अनस की कथित पिटाई के मामले में शफीक और उनके पुत्र मोहम्मद आदिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मेडिकल परीक्षण के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया था।
परिजनों के मुताबिक, जेल भेजे जाने के समय शफीक के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर था और शरीर पर चोटों के निशान भी थे। बुधवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंच गए और पुलिस तथा जेल प्रशासन पर मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाए जाने के दौरान परिजनों ने स्ट्रेचर सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर विनी सिंह ने परिजनों से वार्ता कर मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
मृतक की पत्नी रुखसाना ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। प्रशासन के आश्वासन के बाद शाम करीब सात बजे परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए सहमत हुए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।








