उन्नाव- सफीपुर। गलत इलाज के आरोप में मरीज की मौत के मामले की जांच करने शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय कुमार शर्मा मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे। जांच के दौरान इलाज करने वाले चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। सीएचसी प्रभारी डॉ. अभिषेक कटियार ने बताया कि संबंधित चिकित्सक ने मरीज को बाहर से इंजेक्शन मंगवाकर लगाया था। अन्य मरीजों ने भी चिकित्सक पर बाहर की दवाएं लिखने के आरोप लगाए। सीएमओ ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
आसीवन थाना क्षेत्र के मियागंज निवासी राकेश कुमार (38) को 24 जून को खांसी और बुखार की शिकायत पर सीएचसी लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉ. दिनेश कुमार ने जांच के बाद बाहर से इंजेक्शन मंगवाया और लगवाया। इंजेक्शन लगने के बाद राकेश की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और सीएचसी प्रभारी को शिकायती पत्र सौंपा।
शुक्रवार को सीएमओ डॉ. अजय कुमार शर्मा तथा एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह ने सीएचसी पहुंचकर प्रभारी से मामले की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को बुलाकर उनका पक्ष भी सुना। परिजनों ने बाहर के मेडिकल स्टोर से मंगवाए गए इंजेक्शन का रैपर भी सीएमओ को सौंपा।
डॉक्टर पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं। बाहर की दवाएं लिखने वाले चिकित्सक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डॉ. दिनेश कुमार पर पहले भी बाहर की दवाएं लिखने के आरोप लग चुके हैं। 25 अप्रैल 2026 को तत्कालीन सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश को उनके खिलाफ शिकायत मिली थी। जांच में दोषी पाए जाने पर उनका स्थानांतरण औरास सीएचसी कर दिया गया था। हालांकि, सात दिन बाद 2 मई 2026 को स्थानांतरण आदेश निरस्त कर उन्हें पुनः मियागंज सीएचसी में तैनात कर दिया गया।
इसके बाद 18 जून 2026 को मंडलायुक्त के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय टीम ने भी सीएचसी का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान टीम को साक्ष्य मिले थे, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सीएचसी में घट रही मरीजों की संख्या
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने ओपीडी में मौजूद मरीजों से उनकी समस्याओं और चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाओं की जानकारी ली। उन्होंने दवा वितरण कक्ष, महिला अस्पताल के प्रसव कक्ष तथा एक्स-रे कक्ष का भी निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर अधीक्षक को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकित्सकों की कथित लापरवाही के कारण मियागंज सीएचसी की छवि प्रभावित हो रही है। मरीजों और तीमारदारों में भय का माहौल है, जिससे ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। पहले सीएचसी में प्रतिदिन 200 से 300 मरीज आते थे, जबकि 26 जून को यह संख्या घटकर 99 रह गई। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि कुछ चिकित्सक आर्थिक लाभ के लिए मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।








