ट्रस्ट के पुनर्गठन की जरूरत: एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह
सुल्तानपुर। जिला निगरानी एवं समन्वय समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे भाजपा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने राम मंदिर चंदा मामले में हुई कार्रवाई पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
एमएलसी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं इस मामले की एसआईटी से जांच कराई है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
बुलडोजर कार्रवाई से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार का विषय है। हालांकि उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि ट्रस्ट में भगवान श्रीराम के वंशजों, राम मंदिर आंदोलन में बलिदान देने वाले परिवारों के प्रतिनिधियों तथा उन लोगों को स्थान दिया जाए जिन्होंने आंदोलन के दौरान अपना भविष्य और करियर दांव पर लगाया था।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मन में भगवान श्रीराम और मंदिर के प्रति श्रद्धा एवं आस्था होगी, वे मंदिर की सेवा बेहतर ढंग से कर सकेंगे। वहीं यदि कोई केवल नौकरी के उद्देश्य से जुड़ेगा तो अनियमितताओं की संभावना बढ़ सकती है।
एमएलसी ने दोहराया कि मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।








