देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए शोध और उपचार के नए आयाम
सुलतानपुर। जनपद सुलतानपुर में पहली बार इंडियन सोसाइटी ऑफ हाईपरटेंशन (आईएसएच) उत्तर प्रदेश चैप्टर के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज (एएसएमसी) सुलतानपुर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सुलतानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने भाग लेकर उच्च रक्तचाप (हाईपरटेंशन) के आधुनिक उपचार और नवीनतम शोध पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ के निदेशक डॉ. धीमान रहे। कार्यक्रम में जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेते हुए ऐसे शैक्षणिक आयोजनों को स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सम्मेलन में डॉ. प्रियंक वर्मा, डॉ. कमलाकर त्रिपाठी, डॉ. नरसिंह वर्मा, डॉ. साजिद अंसारी, डॉ. संजय जोशी और डॉ. दीपक जुमानी सहित विभिन्न राज्यों और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सहभागिता की। इसके अलावा जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों, विशेषज्ञों तथा मेडिकल कॉलेज के जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
विशेषज्ञों ने उच्च रक्तचाप को “साइलेंट किलर” बताते हुए कहा कि यह केवल हृदय रोगों का कारण नहीं बनता, बल्कि मस्तिष्क, किडनी, आंखों और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। समय पर पहचान और उपचार न होने पर यह हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी फेल होने जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
सम्मेलन में हाईपरटेंशन के आधुनिक उपचार, नई दवाओं, बदलती जीवनशैली के प्रभाव, बचाव के उपाय तथा नवीनतम चिकित्सा अनुसंधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने चिकित्सकों को नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों की जानकारी दी, जिससे मरीजों को भविष्य में और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
आयोजन समिति ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन को सुलतानपुर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।








