ग्रामीणों को नहीं मिल रहीं पंचायत सेवाएं
बाराबंकी। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से बनाए गए पंचायत भवन कई जगह बदहाल पड़े हैं। विकास खंड बनीकोडर और दरियाबाद की दर्जनों ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन या तो वर्षों से बंद हैं या उन पर अवैध कब्जा होने के आरोप हैं। इससे ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल, प्रमाणपत्र और अन्य पंचायत सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
विकास खंड बनीकोडर की ग्राम पंचायत मूसेपुर में करीब पांच वर्ष पहले निर्मित पंचायत भवन अधिकांश समय बंद रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन पूरे वर्ष में केवल एक-दो बार ही खोला जाता है। लंबे समय से उपयोग न होने के कारण भवन और परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मुख्य द्वार के बाहर कूड़ा-कचरा डाले जाने से स्थिति और खराब हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन नियमित रूप से संचालित न होने के कारण परिवार रजिस्टर की नकल, प्रमाणपत्र संबंधी कार्य, पंचायत बैठकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
वहीं, विकास खंड दरियाबाद की ग्राम पंचायत खानपुर सम्भूदयाल में पंचायत भवन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक टेंट व्यवसायी ने भवन का निजी उपयोग शुरू कर दिया है। भवन के अंदर टेंट का सामान रखा गया है, जबकि परिसर में ट्रैक्टर, चारा काटने की मशीन और अन्य घरेलू सामान रखा गया है। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पंचायत भवन में ही निवास भी कर रहा है।
ग्रामीण राहुल, मंशाराम, नौमीलाल और रामबहादुर ने बताया कि पंचायत भवनों का निर्माण पंचायत बैठकों, जनसेवा केंद्रों के संचालन और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति में इनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी दरियाबाद संस्कृता मिश्रा ने बताया कि पंचायत भवन पर अवैध कब्जे की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर शीघ्र ही कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी।








