चकलवंशी। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी के विरुद्ध तीन दिन से धरने पर बैठे किसानों की सुध लेने बृहस्पतिवार को लेखपाल पहुंचे। उन्होंने किसानों से मामले की जानकारी ली। बोले इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
तहसील हसनगंज क्षेत्र के सलेमपुर गांव के पास से गंगा एक्सप्रेसवे निकला है। निर्माण करने वाली पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने 32 किसानों से करीब 70 बीघा खेतिहर भूमि तीन साल के लिए किराए पर लिया था। सात जुलाई को अनुबंध समाप्त हो गया तो कर्मचारी सामान समेट कर जमीन ऊबड़ खाबड़ व कंक्रीट से बने निर्माण खंड और गिट्टी आदि खेत में ही छोड़कर चले गए। इससे भूमि खेती योग्य नहीं बची तो किसान आक्रोशित हो गए और मंगलवार से स्थल पर ही धरना शुरू कर दिया था। किसान उमेश प्रताप सिंह, कैलाश सिंह, मोतीलाल पाल, शैलेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह आदि ने बताया कि कंपनी ने अनुबंध में समतल भूमि, चिह्नांकन और खेती योग्य करके देने की बात लिखी थी पर कुछ किया नहीं और वापस चले गए। बृहस्पतिवार को लेखपाल देवेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। किसान अनुबंध पत्र दिखाकर अपनी मांग पर अड़े रहे। लेखपाल ने बताया कि मौजूद 24 किसानों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। किसानों की मांग जायज है। कंपनी के अनुबंध पत्र के अनुसार भूमि कृषि योग्य बना कर देना चाहिए
इस मामले में गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के मैनेजर आरके सिंह ने बताया कि किसानों से बराबर संवाद किया जा रहा है। मौके का निरीक्षण कर सफाई कराई जा रही है। जमीन की सफाई में समय लगेगा। करीब दो माह में खेती योग्य हो जाएगी।








