पेयजल संकट बरकरार
बाराबंकी। नगर पंचायत रामसनेहीघाट में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए आरओ प्लांट बदहाल स्थिति में पड़े हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अधिकांश आरओ प्लांट बंद हैं या अधूरे पड़े हैं, जिससे नगरवासियों को साफ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत के 14 वार्डों में करीब 18 आरओ प्लांट लगाए गए थे। प्रत्येक प्लांट पर लगभग 2.25 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन कई स्थानों पर केवल बोरिंग कर छोड़ दिया गया, कहीं मशीनें नहीं लगाई गईं और कई प्लांट वर्षों से बंद पड़े हैं।
जेठबनी में शोपीस बना आरओ प्लांट:
वार्ड संख्या-4 के जेठबनी मोहल्ले में अशोक के घर के पास स्थापित आरओ प्लांट महीनों से बंद पड़ा है। यहां अब तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
मालिनपुर में अधूरा पड़ा प्रोजेक्ट:
मालिनपुर में बिन्नू तिवारी के घर के पास आरओ प्लांट का निर्माण तो कराया गया, लेकिन आज तक उसमें मशीन नहीं लगाई गई, जिससे योजना शुरू ही नहीं हो सकी।
स्थापना के बाद भी नहीं मिल रहा पानी:
शिवबरन सभासद के घर के पास लगाया गया आरओ प्लांट भी लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं करा पा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी धनीराम, राजू, निहाल, मायाराम, नूर आलम, वारिश अली, नौमीलाल, रामसजीवन और रामदेव सहित अन्य लोगों ने बताया कि नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं की स्थिति गांवों से भी बदतर है। उनका कहना है कि आरओ प्लांट खराब होने और बंद रहने की शिकायत कई बार नगर पंचायत अध्यक्ष से की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।








