जांच मे दस्तावेजों का हुआ सत्यापन, पात्र बेघर परिवारों से आवेदन लेकर नियमानुसार होगा आवंटन
दिलीप सिंह अलीगंज एटा
अलीगंज। अलीगंज क्षेत्र के कुरावली रोड स्थित काशीराम कॉलोनी में गुरुवार को प्रशासन ने सरकारी आवासों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के मद्देनजर अधिकारियों की टीम ने पुलिस बल के साथ कॉलोनी में घर-घर पहुंचकर निवासियों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच की। जांच के दौरान नियमों के विपरीत आवासों पर कब्जा करने वाले तथा अपात्र पाए गए लोगों के मकानों को सील करते हुए उन पर ताले लगा दिए गए।
अभियान का नेतृत्व उप जिलाधिकारी जगमोहन गुप्ता के निर्देशन में किया गया। इस दौरान नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी कृष्णकांत सरल, नायब तहसीलदार हिमांशु पांडेय, लेखपालों की टीम और पालिका कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रत्येक आवास पर रहने वाले परिवारों से आवश्यक अभिलेख लेकर उनका सत्यापन किया। जिन लोगों के दस्तावेज अधूरे मिले या जो निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई। सत्यापन के दौरान कुछ ऐसे परिवार भी सामने आए जो लंबे समय से कॉलोनी में रह रहे हैं, लेकिन उनके पास पात्रता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। ऐसे लोगों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी स्थिति रखते हुए राहत की मांग की। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पात्रता के आधार पर सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी वास्तविक जरूरतमंद के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उप जिलाधिकारी जगमोहन गुप्ता ने बताया कि शिकायतों के आधार पर कुल 42 आवासों का सत्यापन कराया गया। जांच में अपात्र पाए गए लोगों पर कार्रवाई की गई है, जबकि लंबे समय से बंद पड़े अथवा खाली मिले आवासों को भी सील किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन बेघर परिवारों के पास रहने की कोई व्यवस्था नहीं है, उनसे नगर पालिका के माध्यम से आवेदन लिए जाएंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले लोगों को शासन की व्यवस्था के अनुसार आवास अथवा पट्टा उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिशासी अधिकारी कृष्णकांत सरल ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अपने दस्तावेजों या पात्रता को लेकर कोई आपत्ति है तो वह नगर पालिका कार्यालय में अभिलेख प्रस्तुत कर सकता है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी आवासों का लाभ केवल पात्र एवं जरूरतमंद लोगों को ही दिया जाएगा और अनियमित कब्जों के विरुद्ध आगे भी अभियान जारी रहेगा।








