President Gallantry Medal: छत्तीसगढ़ में डीएसपी के पद पर तैनात महंत कुमार सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक के लिए चुना गया है। बांसगांव तहसील क्षेत्र के सहदोडाड़ गांव के रहने वाले महंत कुमार सिंह वर्तमान में एसटीएफ बघेरा, दुर्ग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नक्सल विरोधी अभियानों में उनके साहस, बहादुरी और सूझबूझ को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित किया गया है। महंत कुमार सिंह का परिवार फिलहाल गोरखपुर के सिंघड़िया स्थित काली मंदिर गली में रहता है। राष्ट्रपति वीरता पदक मिलने की खबर से उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। यह सम्मान उन्हें 26 जनवरी 2027 को प्रदान किया जाएगा।
नक्सल प्रभावित बस्तर में निभाई अहम भूमिका
महंत कुमार सिंह ने अपनी पुलिस सेवा का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में बिताया है। इस दौरान उन्होंने कई मुश्किल और जोखिम भरे नक्सल विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया और कई अभियानों का नेतृत्व भी किया। विषम परिस्थितियों में काम करते हुए उन्होंने अपनी बहादुरी के साथ-साथ बेहतर रणनीति और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उनके नेतृत्व में चलाए गए अभियानों में कठिन परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। नक्सल प्रभावित इलाकों में उनकी भूमिका और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक के लिए चुना गया है।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
राष्ट्रपति वीरता पदक महंत कुमार सिंह के लिए पहला बड़ा सम्मान नहीं है। इससे पहले भी उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। वर्ष 2024 में उन्हें डीजी सीआरपीएफ डिस्क पदक से सम्मानित किया गया था। इसी वर्ष केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से उन्हें दक्षता पदक भी मिला था। लगातार मिले इन सम्मानों से उनकी सेवा, कार्यक्षमता और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण का पता चलता है।
26 जनवरी 2027 को मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पदक
नक्सल विरोधी अभियानों में दिखाई गई असाधारण बहादुरी और उल्लेखनीय योगदान के लिए अब महंत कुमार सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। 26 जनवरी 2027 को उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनके चयन की खबर सामने आने के बाद बांसगांव के सहदोडाड़ गांव और गोरखपुर में रह रहे उनके परिवार के बीच खुशी का माहौल है। महंत कुमार सिंह की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।





















