औरैया के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक-2 विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह ने पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक, उनके दो भाइयों और सरकारी गनर समेत 10 आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर भारी अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला 15 मार्च 2020 का है। शहर के नारायणपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में कथित रूप से जमीन को लेकर हुए विवाद के दौरान गोलीबारी हुई थी। इस घटना में अधिवक्ता मंजुल चतुर्वेदी और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक अधिवक्ता के भाई आशीष कुमार की तहरीर पर पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाइयों समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई करीब छह साल पांच महीने तक चली। फैसले के दिन विभिन्न जेलों में बंद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। कमलेश पाठक को आगरा सेंट्रल जेल से लाया गया, जबकि उनका सरकारी गनर अवनीश प्रताप सिंह जमानत पर होने के कारण स्वयं अदालत में उपस्थित हुआ। अदालत ने कमलेश पाठक, संतोष पाठक, रामू पाठक समेत 10 आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
इस मामले से जुड़े पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले और आयुध अधिनियम के मामलों में भी अदालत ने सुनवाई की। कुछ आरोपियों को पुलिस पार्टी पर हमले के मामले में दोषमुक्त कर दिया गया, जबकि हत्याकांड के दोषियों में से कई अन्य मामलों में भी दोषी पाए गए। फैसला सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं एक आरोपी की मौत हो चुकी है और एक आरोपी का मामला किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है।





















