Jammu Kashmir Weather: जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में खराब मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच पहलगाम और डोडा से अचानक आई बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं। पहलगाम के बटकूट क्षेत्र में बुधवार शाम बादल फटने के बाद तेज पानी निचले इलाकों की ओर पहुंच गया। कई मकानों में पानी घुसने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पहलगाम के बटकूट में अचानक बढ़ा पानी
बुधवार शाम बटकूट इलाके में मौसम ने अचानक करवट ली। बादल फटने के बाद पहाड़ी क्षेत्र से पानी तेज रफ्तार में नीचे की तरफ आया और निचले हिस्सों में स्थित कई घर इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहलगाम का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ों से घिरा हुआ है। ऐसे में तेज बारिश के दौरान नालों और जलधाराओं का पानी अचानक बढ़ने से फ्लैश फ्लड का खतरा बना रहता है। घटना के बाद प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और संवेदनशील इलाकों में बाढ़ से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं तो बारिश के दौरान होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डोडा में नाले का पानी बढ़ा, खतरे में आए बच्चे
उधर, डोडा जिले के कहारा इलाके में अचानक आई बाढ़ ने स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बताया जा रहा है कि बच्चे स्कूल से वापस लौट रहे थे और गंगूरी नाले को पार कर रहे थे। इसी दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। तेज धार के बीच बच्चे वहीं फंस गए और स्थिति गंभीर हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी बच्चे के घायल होने की खबर नहीं है। इस घटना के बाद इलाके के लोगों ने एक बार फिर पक्के पुल की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की सुविधा नहीं होने के कारण बच्चों और अन्य ग्रामीणों को बारिश के दिनों में उफनते नाले को पार करना पड़ता है। उनका कहना है कि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए प्रशासन को जल्द से जल्द स्थायी समाधान करना चाहिए।
हरिद्वार में बारिश से सड़कें बनीं जलभराव का शिकार
उत्तराखंड के हरिद्वार में भी लगातार बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ। रानीपुर मोड़ और भगत सिंह चौक समेत कई जगहों पर जलभराव के चलते यातायात व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा। रोशनाबाद मुख्यालय को शहर से जोड़ने वाली सड़क पर भी बारिश के बाद पानी भरने की समस्या सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान इस मार्ग पर जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। हर बार तेज बारिश के बाद यहां आवाजाही मुश्किल हो जाती है।
फिलहाल जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।





















