बाराबंकी। संगठन सृजन अभियान के तहत शुक्रवार को सांसद आवास ओबरी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी ने विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। बैठक का मकसद केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग वर्गों की समस्याओं, उनकी सोच और कांग्रेस से उनकी दूरी के कारणों को समझना भी रहा। सीपी जोशी ने लोगों की बातें सुनीं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए उनके सुझाव लिए।
बैठक की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से मुलाकात के साथ हुई। रामवती पत्नी स्व. रामचंद्र की अगुवाई में मौजूद सेनानियों से सीपी जोशी ने वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। इसके बाद भारतीय दलित पैंथर के अध्यक्ष रामफल गौतम की अगुवाई में दलित समाज के प्रतिनिधियों से संवाद हुआ। इस दौरान दलित समाज और कांग्रेस के बीच बनी दूरी के कारणों को समझने के साथ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और दलित समाज के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
पासी समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत में भी स्थानीय राजनीति और समाज की भूमिका पर बात हुई। सुभाष चंद्र बोस फाउंडेशन पासी समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। सीपी जोशी ने कहा कि संगठन सृजन अभियान के जरिए कांग्रेस अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच पहुंचकर उनकी चिंताओं को समझने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के एक समूह से भी बातचीत हुई, जहां किसानों ने कृषि और अपनी रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े मुद्दे सामने रखे। किसान प्रतिनिधियों ने अपनी विचारधारा और अपेक्षाओं को भी साझा किया।
बैठक का सबसे अहम पहलू यह रहा कि कांग्रेस नेताओं ने केवल अपनी बात रखने के बजाय सामाजिक समूहों की बातें सुनने पर जोर दिया। कार्यक्रम में पीसीसी सदस्य आरती बाजपेयी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन समेत कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनी जाएं और उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाए। इसी सोच के साथ बाराबंकी में संगठन सृजन अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।





















