बाराबंकी। हरख रेंज में पौधारोपण को लेकर उठे सवालों ने अब तूल पकड़ लिया है। कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारियों ने सोमवार को प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी के नेतृत्व में किसान नेता काफी देर तक कार्यालय परिसर में बैठे रहे। उन्होंने साफ कहा कि विभाग की ओर से लिखित जवाब मिलने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
किसान नेताओं ने 31 जुलाई को दिए गए ज्ञापन का हवाला देते हुए हरख रेंज की ग्राम सभा मदारपुर रोशन जमा खां में वर्ष 2022 में लगाए गए 16 हजार पौधों के विभागीय दावे पर सवाल उठाए। संगठन ने पूछा कि पौधे किन प्रजातियों के थे, किस नर्सरी से लाए गए और वर्तमान में किस गाटा संख्या में मौजूद हैं। इसी तरह वर्ष 2025-26 में उसी क्षेत्र में 20 हजार पौधे लगाए जाने के दावे पर भी भूमि की उपलब्धता और वास्तविक पौधारोपण क्षेत्र का पूरा ब्यौरा मांगा गया है।
धरने के दौरान किसान नेताओं ने पौधारोपण से जुड़े खर्च और व्यवस्थाओं की जानकारी भी मांगी। संगठन के मुताबिक गड्ढों की संख्या, पौधों के बीच दूरी, सुरक्षा नली, खाद, पौधों की प्रजाति और खर्च की गई धनराशि का विवरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। नेताओं ने 31 जुलाई की बातचीत का जिक्र करते हुए कथित तौर पर एक पौधा लगाने के लिए छह डॉलर दिए जाने की बात पर भी संबंधित नियम, शासनादेश या सर्कुलर दिखाने की मांग की।
राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने कहा कि फिलहाल संगठन ने एक रेंज से जुड़ा मामला उठाया है, जबकि अन्य रेंजों में भी पौधारोपण को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। किसान नेताओं ने सभी रेंजों में हुए पौधारोपण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि सिर्फ कागजी रिपोर्ट के आधार पर शिकायतों का निस्तारण स्वीकार नहीं किया जाएगा। लिखित जवाब और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।





















