जिले के शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र के किशुनपुर मीठा गांव में मंगलवार शाम हुई तेज बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। करीब चार बजे हुई बारिश के बाद गांव की सड़कें पानी में डूब गईं और कई जगह हालात बाढ़ जैसे नजर आए। सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, कई घरों में भी बारिश का पानी घुसने लगा। बारिश के बाद गांव की मुख्य और संपर्क सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। जलभराव इतना अधिक था कि सड़कें नहर जैसी दिखाई देने लगीं। पैदल आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीण जरूरी काम के लिए भी घरों से निकलने में परेशान रहे।
हर बारिश में दोहराती है समस्या
स्थानीय निवासी राहुल, संतोष और तीरथ समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही गांव में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों के मुताबिक यह कोई पहली घटना नहीं है। हर साल बरसात के मौसम में उन्हें इसी तरह की परेशानी से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा हो जाता है। पानी की निकासी नहीं होने से कुछ स्थानों पर लंबे समय तक जलभराव बना रहता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
लगातार जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में स्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम से पहले नालियों और जल निकासी के इंतजाम दुरुस्त कराए जाने चाहिए, ताकि हर साल होने वाली समस्या से राहत मिल सके।
टीम भेजकर कराया जा रहा निरीक्षण
बुधवार दोपहर करीब एक बजे सहायक विकास अधिकारी पंचायत राम कुमार ने बताया कि गांव में जलभराव की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा कि टीम भेजकर मौके का निरीक्षण कराया जा रहा है। स्थिति का जायजा लेने के बाद जल्द ही बेहतर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।





















