जिले में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में थाना एएचटीयू और विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक चंद्र केश सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें बाल श्रम, बाल विवाह, बाल गुमशुदगी, बाल भिक्षावृत्ति और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न विभागों, बाल कल्याण अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से परिचय प्राप्त कर उनके कार्यों और समस्याओं के संबंध में फीडबैक लिया। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत बच्चों से जुड़े मामलों में कार्रवाई और जांच की समीक्षा की गई। इस दौरान थानों पर तैनात बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, विवेचकों और जिले में कार्यरत गैर सरकारी संगठनों के सामने आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बाल गुमशुदगी, बाल श्रम, बाल विवाह और बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।
गांवों में चौपाल लगाकर करेंगे जागरूक
अपर पुलिस अधीक्षक ने बाल कल्याण अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर लोगों को बाल श्रम के खिलाफ संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के लिए जनजागरूकता जरूरी है। बाल विवाह की रोकथाम को लेकर अधिकारियों को गांवों में नियमित रूप से चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधानों और स्थानीय संभ्रांत लोगों से भी अपील की गई कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सूचना दें।
संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बैठक में बाल अपराध से जुड़े संवेदनशील मामलों में बिना देरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाएं। बैठक में प्रभारी निरीक्षक एएचटीयू लाल साहब सिंह, एसएसबी के निरीक्षक राहुल, एएचटीयू के उपनिरीक्षक रणविजय सिंह, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विश्राम पासवान समेत विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और बाल संरक्षण इकाई से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: मनीष श्रीवास्तव






















