उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो गया है। इन सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक सूची के मुताबिक इन 11 सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा।
इन 11 सीटों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की लखनऊ सीट से अवनीश कुमार सिंह, वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, आगरा से डॉ. मनवेन्द्र प्रताप सिंह, मेरठ से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मनीष सिंह यादव शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ से उमेश द्विवेदी, वाराणसी से लाल बिहारी यादव, आगरा से डॉ. आकाश अग्रवाल, मेरठ से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन नामों और निर्वाचन क्षेत्रों की पुष्टि उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक सदस्य सूची से होती है।
इन चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर 2026 से शुरू होगी। विधानसभा और स्थानीय निकाय की तरह इन सीटों का निर्वाचन सामान्य मतदाताओं के बजाय संबंधित स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं के जरिए होता है। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में तैयारियां भी तेज होने की उम्मीद है। इसी चरण में उम्मीदवारों के नाम और चुनावी समीकरण अधिक स्पष्ट होंगे।
उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद सीटों पर भी द्विवार्षिक चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन चार राज्यों में कुल 28 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। ऐसे में यूपी की 11 सीटों का चुनाव भी राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।





















