लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं के लिए अगले छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य घोषित किया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के 3567 नवचयनित शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नियुक्तियां कर रही है और आगे भी करती जाएगी। इस दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा, “नौकरी दे रहे हैं और देते जाएंगे। आप गिनते जाइए। अगर गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाइए, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे।”
सरकारी सूचना के अनुसार पिछले दिनों मिशन रोजगार के तहत 19 सितंबर को 818 और 20 सितंबर को पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। मंगलवार को शिक्षा विभाग के 3567 चयनितों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इन तीन कार्यक्रमों में कुल 5297 अभ्यर्थी सरकारी सेवा से जुड़े हैं।
नकल माफिया पर प्रहार का दावा
मुख्यमंत्री ने पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग में उनके नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशांत कुमार को आयोग का अध्यक्ष इसलिए बनाया गया, ताकि नकल माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और प्रतिभावान युवाओं के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।
योगी ने चयनित शिक्षकों को चेतावनी दी कि नियुक्ति के दौरान किसी भी तरह की परेशानी या लेनदेन की शिकायत सामने नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रबंधक की कोई समस्या है तो वह सीधे शासन से संपर्क करे। किसी चयनित से पैसे मांगे गए तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के लिए रास्ता निकालने के निर्देश
प्रयागराज में 31 अगस्त से प्रदर्शन कर रहे टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के मामले का भी मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंत्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए कोई ऐसी व्यवस्था बने, जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अथवा निर्धारित अवधि के बाद परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके।
अभ्यर्थी पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न की बहाली, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती और प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त अवसर देने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
शिक्षक ही बताएंगे सही-गलत का फर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जानकारी दे सकती है, लेकिन सही और गलत में अंतर समझाने की जिम्मेदारी शिक्षक की है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को महापुरुषों के जीवन और समाज की घटनाओं से जोड़ने तथा नकारात्मक सोच से बचाने का आह्वान किया।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को बिना भेदभाव और रिश्वत के सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि एक समय सरकारी शिक्षण संस्थानों की इमारतें जर्जर थीं, जबकि अब 1500 से अधिक सरकारी इंटर कालेजों में नई इमारतें बनी हैं। स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल पुस्तकालयों और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष को अपने कार्यकाल के काम के आधार पर जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समाज और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने की अपील की।





















